Badi Behen Ki Chudai desi new real hot chudai

Meri mom aur ek badi bahen gaon par mere grand parents ke care ke liye gaon par rahate hai. Mere saath meri ek badi bahen, papa aur ek bhai total 4 log rahate hai.
Mere age 20 saal ka hai aur pure family main chhota hun isi wajah se main sabaka dulara hun.

नई नवेली भाभी की कामुकता

हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी लोगों को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, Antarvasna Kamukta Indian Chudai Hindi Chudai Stories Chudai जिसमें मैंने अपनी एक भाभी को अपनी चुदाई से संतुष्ट किया और उनकी प्यास को बुझाया, वो दिखने में एकदम सेक्सी माल थी और मेरी नजर उनके ऊपर से हटने को कभी भी तैयार नहीं होती थी. पहली नजर में ही में उनको चोदने के सपने देखने लगा था.
अब में सबसे पहले अपना परिचय आप सभी से करवा देता हूँ, मेरे घर में मेरी माँ, पापा, में और मेरी एक बहन है, मेरी बहन की शादी हो गई है और अब में और मम्मी, पापा हम तीनों रहते है. दोस्तों मैंने डॉक्टर बनने के लिए पेपर भी दिए, क्योंकि में पढ़ने में बहुत होशियार था और आगे की पढ़ाई करने के लिए मुझे अपने गावं को छोड़ना पड़ा और में अपने परिवार के साथ शहर में रहने चला गया और इसलिए मेरा अपने गावं में आना जाना नहीं हो पता था. एक दिन मेरे पास मेरी मौसी का कॉल आया तो उन्होंने मुझसे कहा कि बेटा तेरे भाई की शादी है और तुझे जरूर आना है. फिर मैंने उनसे कहा कि ठीक है में आ जाऊंगा, लेकिन उस समय मेरे पेपर थे, इसलिए में पेपर छोड़कर नहीं जा सका.
फिर अपने भाई की शादी के ठीक दो साल बाद में अपने गावं चला गया, वहां पर मुझे पहली बार मेरी भाभी मिली और मौसी मिली, मौसी ने मुझे बहुत डांटा और उन्होंने मुझसे कहा कि तू शादी में नहीं आया.
मैंने उनको सॉरी बोला और मैंने उनको कहा कि पहले में अपनी भाभी को देख तो लूँ वो कैसी है? और में उनसे मिलने गया तो वो उस समय घूँघट में बैठी हुई थी. मैंने देखा तो वो हंस गई वाह क्या मस्त फिगर था उनका, उनकी उम्र करीब 26 साल और उनके फिगर का आकार 32-30-36 था, वो क्या मस्त माल थी? उन्होंने मुझसे कहा आओ देवर जी अब अच्छे से मुझसे मिल लो और वो हंसने लगी.
मैंने भी मुस्कुराकर कह दिया कि हाँ अब हम बहुत अच्छे से मिलेंगे और वो दोबारा हंस पड़ी और हम लोग हंस हंसकर बातें करने लगे, वो चाय बनाकर ले आई और हमने चाय पी और ढेर सारी इधर उधर की बातें की. मैंने बातों ही बातों में उनको मजाक में बोल दिया कि भाभी आप तो बहुत सुंदर हो और दिखने में भी मस्त माल हो, आप अब तक कहाँ थी? काश पहले मुझे मिली होती. फिर वो मेरी यह बात सुनकर हंस गई और वो मुझसे बोली कि कोई बात नहीं है देवर जी, अब चलो थोड़ी मजाक मस्ती आपके साथ भी हो जाएगी.
फिर मैंने कहा कि अब आपको ले जाने से क्या फायदा अब आप यहीं पर रहो और कुछ घंटे बातें, मजाक करते करते अब रात हो चली थी, इसलिए बीच में मेरी मौसी से भी थोड़ी बात हुई और फिर रात का खाना खाने के बाद हम सबके सोने की तैयारी शुरू हो गई. तब मैंने अपनी भाभी से पूछा कि भाई कहाँ है? तो भाभी ने थोड़ा उदास होते हुए मुझे बताया कि वो अपनी नौकरी के लिए शहर गये है और तीन चार महीने में कुछ दिनों के लिए आते है. फिर कुछ देर बाद मौसी उठकर अपने कमरे में जाकर सो गई और वो जाते समय भाभी से बोली कि लाला का पूरा ख्याल रखना.
भाभी ने मुझे उनकी शादी की एलबम दिखाई, हमे नींद नहीं आ रही थी और फिर वो चाय बनाकर ले आई और हम लोग बातें करने लगे, तब भाभी मुझसे कहने लगी कि देवर जी आप दिखने में बहुत अच्छे हो, आपकी शहर में करीब दस बीस गर्लफ्रेंड तो जरुर होगी? तो मैंने भी मौके का फायदा उठाकर मुस्कुराते हुए उनसे कह दिया कि मैंने जब से तुमको देखा है, में वो सब कुछ भूल गया हूँ. अब उन्होंने मुझे धीरे से धक्का दे दिया और वो मुझसे बोली कि चल हट बदमाश मुझसे झूठ बोलता है. फिर मैंने कहा कि सच में और वो अब इधर उधर की बातें करने लगी.
फिर वो मुझसे पूछने लगी कि क्यों शहर में तो बहुत मज़े होंगे और वो मेरे साथ बिस्तर पर लेटी हुई थी, लेकिन अब वो मुझसे से ज़्यादा चिपककर लेटी हुई थी और हमारे होंठ एक दूसरे के बहुत पास थे, मुझे उनकी आखों में शरारत नजर आ रही थी, शायद वो मुझसे कुछ चाहती थी और में उस समय बरमूडा पहने हुए था और वो मेक्सी में थी. कुछ देर बाद भाभी की उभरी हुई छाती और उनकी बातें सुन सुनकर मेरा 6 इंच का लंड तंबू बन गया था. फिर कुछ देर बाद भाभी को नींद आने लगी थी और वो मुझसे बोली कि में अब सोने जा रही हूँ.
मैंने कहा कि आप भी यहीं मेरे पास सो जाओ, वैसे भी आप वहां पर अकेले सोओगी, यहाँ पर आज मेरे साथ सो जाओ. फिर वो मुझसे बोली कि हाँ ठीक है में तुम्हारे पास ही सो जाती हूँ और वैसे भी अकेले में मुझे थोड़ा डर भी लगता है.
दोस्तों मैंने बहुत दिनों से किसी के साथ सेक्स नहीं किया था और कुछ देर पहले भाभी के बूब्स को देखकर मेरा लंड धीरे धीरे झटके देने लगा था, में पूरी तरह से जोश में आ चुका था. फिर भाभी मेरे पास में सो रही थी और मुझे तो पता नहीं कब मेरा हाथ उनके बूब्स पर चलने लगा और में ऐसे ही उनके बूब्स को सहलाने लगा.
मैंने भाभी को किस भी किया, मुझे लगता है कि भाभी ज़्यादा गहरी नींद में सोती थी, इसलिए भाभी की तरफ से कोई भी हलचल नहीं हुई जिसकी वजह से मेरी हिम्मत बढ़ गई और मुझे आगे बढ़ने का मौका मिल गया. फिर मैंने अब दोनों बूब्स को एक एक करके ज़ोर से दबाए, जिसकी वजह से उनके मुहं से सिसकियाँ निकलने लगी, आहहहह स्स्ईईईईई और में समझ गया कि भाभी को भी अब मजा आ रहा है और वो नींद में नहीं है बस सोने का नाटक कर रही है.
फिर मैंने जल्दी से उठकर अंदर से दरवाजे की कुण्डी लगाकर दोबारा उनके पास में आकर लेट गया और अब मैंने उनकी मेक्सी को ऊपर किया और में अब उनके गोरे गोरे पेट पर अपना एक हाथ फैरने लगा, जिसकी वजह से उनको गुदगुदी हो रही थी, जो एक जागते हुए इंसान को होती है सोते हुए को नहीं, वो बार बार कांप रही थी और में उन्हें गरम करना चाहता था कि वो मेरे साथ सेक्स करने की बात मान जाए, क्योंकि दोस्तों गरम लोहे पर चोट मारना ही ज्यादा ठीक रहता है और में अब उनके तनकर खड़े निप्पल को ब्रा के ऊपर से दबाने लगा और बूब्स को पीने लगा, जिसकी वजह से वो गरम होकर हल्की हल्की सी सिसकियाँ ले रही थी, ऊओह्ह्ह सईईईईईइ आआहहहह.
अब में उनकी गोरी पीठ पर हाथ घुमाने लगा, जो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और वो अब कसमसा रही थी और में धीरे धीरे उन्हें गरम करना चाहता था.
मैंने सही मौका देखकर उनकी ब्रा को खोल दिया और खींचकर तुरंत उनके जिस्म से अलग कर दिया, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा और मैंने देखा कि उन्होंने पेंटी तो पहनी ही नहीं थी, शायद वो खुद मुझसे आज अपनी चुदाई करवाना चाहती थी, इसलिए उन्होंने पेंटी नहीं पहनी और चुपचाप सीधी लेटकर सोने का नाटक कर रही थी. अब में उनकी हल्के बालों वाली प्यासी चूत को छूने लगा, उनकी चूत पर थोड़े बहुत भूरे रंग के बाल थे, और थोड़ी उभरी हुई, लेकिन छूने पर महसूस हुआ कि बहुत गरम चूत थी.
अब मैंने उनके पैरों से लेकर उन्हें किस करना शुरू किया और अब में ऊपर की तरफ बढ़ते हुए चूत तक पहुंच गया और फिर चूत को भी किस करने लगा और नाभि, बूब्स को भी चूमा. उसके बाद मैंने उनके होंठो को अपने होंठो से बंद कर दिया. दोस्तों अब मैंने महसूस किया कि वो भी अब मेरा साथ दे रही थी और में अपनी जीभ को उनके मुहं में डाल रहा था और वो उसे चूस रही थी.
मैंने फिर अपने भी सारे कपड़े उतार दिए और तुरंत अपना लंड भाभी के हाथ में दे दिया, पहले उन्होंने लंड को बहुत धीरे से डरते हुए पकड़ा, लेकिन फिर उसे महसूस करके ज़ोर से पकड़ लिया. अब दोनों 69 पोजीशन में आ गए और मैंने बहुत धीरे से भाभी के कान में बोला कि भाभी में आपकी चूत को चूसता हूँ और आप मेरा लंड चूसो, भाभी अभी भी सोने का नाटक कर रही थी.
फिर मैंने जबरदस्ती भाभी का मुहं खोला और अपना लंड उनके मुहं में डाल दिया और फिर बहुत धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा और कुछ देर बाद में रुक गया और वो शुरू हो गई. उन्होंने अब मेरे लंड को अपने मुहं से लगातार धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, वो अब लंड को बहुत मज़े लेकर चूस रही थी और उनकी गरम सांसो से मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो पूरी गरम हो चुकी है और उन्हें अब ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रहा है. फिर में 69 पोजीशन में आकर भाभी की चूत को चूसने लगा, भाभी की चूत से पानी निकल रहा था, में उनकी चूत को लगातार चूसने लगा और चूत में उंगली भी डालने लगा.
दोस्तों भाभी की चूत मुझे अब तक वर्जिन लग रही थी, शायद मेरे भाई ने उनको अब तक सही ढंग से नहीं चोदा था और उनको दो साल में अब तक कोई बच्चा भी नहीं था और मेरी दो उँगलियाँ भी चूत में नहीं जा रही थी. फिर जैसे ही मैंने चूत में उंगली डाली भाभी अब बिल्कुल पागल हो चुकी थी, उन्होंने मेरा लंड पकड़ा और मुहं में लेकर चूसने लगी और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी, मेरा आधा लंड उनके मुहं में अब समा रहा था, वो मेरे टट्टे खा जाने के लिए मचल रही थी और लंड को चूस रही थी. करीब 15 मिनट बाद में उनके मुहं में झड़ गया, लेकिन तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी.
अब हम दोनों जाग गये थे, भाभी मुझे अपने गले से लगाए बैठी थी और वो मेरा लंड भी सहला रही थी और वो मुझसे कह रही थी कि आपके भाई का तो इससे भी आधा नहीं है, आपकी बीबी आपसे बहुत खुश रहेगी. फिर भाभी मुझसे बोली कि देवर जी पूरे साल बाद आज में पहली बार झड़ी हूँ और अब तुम मेरी प्यास बुझा दो प्लीज अब मुझे और ज्यादा मत तड़पाओ और मुझे चोद दो, मेरी चूत को शांत कर दो.
फिर मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए उन्हें लंड चूसने को कहा और अब वो एक अनुभवी रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी. मैंने अब बोला कि भाभी आओ आगे का काम करे और फिर मैंने उनको नीचे लेटा दिया, करीब पांच मिनट चूत को लीक किया और उनको गरम करने लगा. तभी वो मुझसे कहने लगी कि देवर जी प्लीज अब डाल दो, मुझसे ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रहा है मेरे राजा अब ना तड़पाओ.
मैंने भी लंड को चूत के मुहं पर रखकर सही निशाना लगाया और एक जोरदार धक्का दे दिया, लेकिन लंड चूत में नहीं गया तो भाभी कसमसा गई. मैंने एक बार फिर से धक्का दिया और मेरा लंड दोबारा फिसल गया. फिर भाभी मुझसे बोली कि रूको और अब भाभी उठकर तेल की शीशी लेकर आई और उन्होंने बहुत सारा तेल मेरे लंड पर लगाया और अपनी चूत पर भी लगाया और फिर वो मुझसे बोली कि मेरे राजा में अभी तक कुँवारी हूँ तुम थोड़ा आराम से करना.
फिर मैंने धीरे से लंड को चूत के मुहं पर रखकर अंदर धक्का दिया. दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि भाभी की चूत बहुत टाईट थी, जिसकी वजह से मेरा लंड चूत में घिसता हुआ जा रहा था, जिसकी वजह से भाभी बहुत ज़ोर से चिल्ला पड़ी, लेकिन मैंने उनके मुहं पर अपना एक हाथ रख दिया और अपना आधा लंड उनकी चूत में डाल दिया.
दोस्तों उस दर्द की वजह से भाभी की चूत से पेशाब बाहर निकल गया और उनका पूरा शरीर काँपने लगा और वो दर्द से छटपटाती हुई मुझसे बोली, अहह्ह्ह स्स्ईईईईईईईइ में मर गई उफ्फ्फफ्फ्फ़ देवर जी प्लीज इसे अब बाहर निकालो. फिर में कुछ देर रुककर उनको किस करता रहा, जब वो ठीक हुई फिर में ऐसे ही धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा और मैंने भाभी को एक आखरी धक्का दे दिया और उनके होंठो को बंद कर लिए तो वो रोने लगी और दर्द से बिलबिला उठी, में फिर पांच मिनट रुक गया.
भाभी का दर्द की वजह से अब बहुत बुरा हाल था, उनके बेड पर चूत से निकला हुआ खून था, क्योंकि आज उनकी सील टूट गई थी. अब में जब वो शांत हुई तो उनको तेज तेज धक्के देकर चुदाई के मज़े देने लगा और वो लगातार चिल्ला रही, उफफ्फ्फ्फ़ हाँ आज फाड़ दो उफ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी चूत को हाँ और तेज़ चुदाई करो मेरे राजा, आज मुझे स्सईईईई असली मर्द मिला है, तेरा भाई नपुंसक है साला वो कुछ नहीं कर पाता, वो साला तो दो मिनट में ही झड़ जाता है, मुझको तेरे बच्चे की माँ बनना है और आज मुझे चोदकर अपना एक बच्चा दे दो, चाहे जैसे मुझे चोदो और में धक्के पर धक्के दिए जा रहा था.
अब मैंने पोज़िशन बदली और उनको घोड़ी बनने को बोला. फिर मैंने उनकी चूत में पीछे से लंड डाल दिया, अब वो खुद हल्के हल्के धक्के लगा रही थी और मैंने भी फिर उनको गोद में उठाकर चोदा और अब तक वो चार बार झड़ गई थी और में भी अब झड़ने वाला था तो मैंने पूछा कि में अपना वीर्य कहाँ निकालूं? तो भाभी मुझसे बोली कि तुम आज अपने वीर्य से मेरी चूत को भर दो मेरे राजा.
अब में आपके बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ और फिर में कुछ देर बाद उनकी चूत में झड़ गया और हम दोनों एक दूसरे के ऊपर पड़े पड़े हाँफ रहे थे और भाभी मुझे प्यार भरी निगाहों से देख रही थी और किस भी कर रही थी. अब भाभी उठकर बैठ गई और बहुत दुखी थी बोली आपके भाई को तो चोदना भी नहीं आता पूरे दो साल हो गये शादी को और में अब तक माँ नहीं बनी, उनकी तो चार इंच की लुल्ली है, जो चूत में जाने से पहले ही झड़ जाती है और आज तक कभी भी उन्होंने मुझे संतुष्ट नहीं किया, लेकिन तुमने मुझे आज पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है, मुझे तुमसे एक बच्चा चाहिए प्लीज.
फिर मैंने भाभी को सांत्वना दी और कहा कि में हूँ ना आप क्यों चिंता करती हो? में आपको जरुर बच्चे दूंगा. फिर भाभी मेरी यह बात सुनकर बहुत खुश हुई और भाभी मुझसे बोली कि देवर जी मुझे आपसे बहुत जल्दी बच्चा चाहिए, में अब और इंतजार नहीं कर सकती. दोस्तों उसके बाद मैंने अपनी प्यासी भाभी को दिन रात जब भी मुझे जैसा भी मौका मिला एक महीने तक चोदा.

Bhabhi Aur Didi Ki Chudai Kahani

मेरा नाम सलमान है और हम लखनऊ के नवाब खानदान से ताल्लुक रखते है, हमारे यहाँ शादी केवल खानदान में ही होती है. हमारे खानदान में सिर्फ़ दो Antarvasna Kamukta Indian Chudai Hindi Chudai Stories Chudai लड़के है में और मेरी मौसी का लड़का रिज़वान, जिसका निकाह मेरी बहन रुकसाना से हुआ है. मेरे दो और बहनें है सलमा और फ़ातिमा और उनका निकाह भी रिज़वान से ही होगा. मेरी मौसी के दो लड़कियां है ज़ीनत और आरसी, मेरे चाचा के दो लडकियाँ है रुक्सर और ज़ूनी, ज़ीनत 26 साल की, आरसी 18 साल की, रुक्सर 20 साल की और ज़ूनी 19 साल की है.
फिर तय हुआ की मेरा निकाह ज़ीनत और आरसी से एक दिन और रूक्सर और ज़ूनी से दूसरे दिन हो जाए और रिज़वान का निकाह सलमा और फातिमा से हो जाए, ताकि खानदान घर में ही बढ़े और सब हवेली में ही रह जाए. फिर मैंने मेरी पहली सुहागरात ज़ीनत के साथ चुनी और हर एक महीने के बाद सुहागरात मनाने का फ़ैसला लिया और क्योंकि उम्र में सब उससे छोटी थी इसलिए घरवालों को भी कोई ऐतराज़ नहीं हुआ.
अब दोस्तों में आपको ज़ीनत के बारे में और उनकी चुदाई की कहानी सुनाता हूँ. वो मुझसे 4 साल बड़ी थी, लेकिन वो बला की खूबसूरत थी, हाईट 5 फुट 9 इंच, गोरी, भूरे बाल, भरा हुआ मांसल बदन, वो एकदम सुष्मिता जैसी लगती थी. मेरी उससे बहुत कम बात हुई थी, लेकिन मुझे मालूम था कि आज जन्नत की सैर करने का मौका खुदा ने दे ही दिया है. में आज उस लंबी नाजुक ज़ीनत को सोने नहीं दूँगा. फिर रात को रुकसाना और सलमा, फ़ातिमा मुझे ज़ीनत के कमरे में ले गयी और बाहर से दरवाज़ा बंद कर हंसते हुए चली गयी. अब वो कमरा गुलाब के फूलों से सज़ा था और सेज़ पर ज़ीनत बैठी थी.
फिर में उनके पास गया और उनका हाथ अपने हाथ में लेकर उनसे बातें करने लगा और बोला कि आप तो यह बताओ कि मुझे आपके साथ करना क्या है? तो उन्होंने शरमाते हुए मुझे अपनी बाहों में लिया और कहने लगी कि मेरा बच्चा तुझे सब मालूम है. अब ज़ीनत हरे रंग की बनारसी साड़ी और पूरी गहनों से लदी हुई थी.
फिर मैंने धीरे से उनके होंठो को चूमा, उफ उनकी खुशबू ही क्या सेक्सी थी? और मेरे चूमते ही उनकी सिहरन और उनके सोने के कंगनो की टकराहट से छन की आवाज़ मेरे लंड को फौलादी बना गयी थी. फिर मैंने धीरे से उन्हें अपनी बाहों में लिया और उनके होंठो पर चूमना और अपनी जीभ से गीली चटाई शुरू कर दी. अब ज़ीनत सिहरकर मुझसे लिपट गयी थी और उसकी 38 साईज की चूचीयां मेरे सीने से दब गयी थी.
फिर मैंने उत्तेजना में उन्हें जकड़कर अपनी बाहों में मसल डाला. तो जीनत ने कहा कि सलमान मेरे दूल्हे धीरे करो बहुत दर्द होता है. फिर मैंने उनके गालों पर अपनी जीभ फैरनी चालू कर दी और फिर उनके ऊपर के होठों को चूमता हुआ, उनके नाक पर अपनी जीभ से चाट लिया. अब ज़ीनत उत्तेजित हो चुकी थी और सिसकारियां भरती हुई मुझसे लिपटी जा रही थी. अब में उनके चेहरे के मीठे स्वाद को चूसते हुए उनकी गर्दन को चूमने, चाटने लगा था और मेरे ऐसा करते ही वो सिसकारी लेती हुई मुझसे लिपटी जा रही थी.
अब में ज़ीनत आपा के ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बूब्स को दबाने लगा था. अब उनके मांसल बूब्स दबाने से वो सिहरने, सिकुड़ने और छटपटाने लगी थी, जिससे मैंने जोश में आकर उनका ब्लाउज फाड़ दिया और उसे अलग करके उनकी काली ब्रा भी उतार दी. उफ़फ्फ़ अल्लाह ने उसे क्या खूबसूरती से बनाया था? अब मेरा लंड तनकर पूरा खड़ा हो गया था और उनका सुडोल, चिकना, गोरा बदन, मेरी बाहों में सिर्फ़ साड़ी और पेटीकोट में था.
अब उनके होंठो को किस करते हुए उनके मुँह का स्वाद और उनके थूक का मीठा और सॉल्टी टेस्ट मुझे मदधहोश कर रहा था. अब उनकी आहें भरने की सेक्सी आवाज़ और नंगे जिस्म पर आभूषण मेरे लंड के लिए एक वियाग्रा की गोली से कम नहीं थे. फिर वो उत्तेजना से सिसकारी भरते हुए बोली कि ओह सलमान 26 साल से तड़पति ज़ीनत पर ये क्या हुआ? मुझे मसल दो, मुझ पर छा जाओ, में मदहोश हूँ, मुझे अब और मत तड़पाओ, आओ मेरे राजा मेरी प्यास बुझा दो.
अब उनकी हालत देखकर मैंने भी सोचा कि देर करना उचित नहीं है और उनको पूरा नंगा कर दिया, क्या मस्त माल था? थैंक यू अल्लाह, शुक्रिया. फिर मैंने सिर्फ़ गहनों में लदी ज़ीनत के पेट की अपनी जीभ से ही चुदाई कर डाली, सपाट पेट, लहराती हुई कमर, गहरी नाभि और बूब्स पर तनी हुई निपल्स, आँखे अधमुंदी चेहरा और गला मेरे चाटने के कारण गीला और शेव्ड हल्के ब्राउन कलर की चूत, केले के खंभे जैसी जांघे और गोरा बदन.
अब मेरा मन तो कर रहा था कि बस चूमता, चाटता रहूँ और अपनी बाहों में जकड़ कर मसल डालूँ और जिंदगी भर ऐसे ही पड़ा रहूँ और उफ क्या-क्या नहीं करूँ? और फिर अपनी जीभ उनकी चूत पर लगाकर उनकी चूत को चाटने लगा. तो वो उछल पड़ी और मेरे बालों को अपने हाथ में लेकर सिसकारी भरने लगी और बड़बडाने लगी कि सलमान में 10 साल से तेरे बड़े होने का इंतज़ार कर रही थी, मेरी 26 साल की कुँवारी चूत की प्यास तूने आज और भड़का दी है.
फिर वो मेरी जीभ की मस्त चटाई में ही झड़ गई और मेरे बालों को कसकर पकड़कर मेरे होठों को चूसने लगी. फिर में उठकर उनकी जाँघो के बीच में आ गया और अपने मुँह में उनकी निपल्स लेते हुए अपनी एक उंगली उनकी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा, लेकिन उनकी टाईट चूत बहुत सख्त और तंग थी और मेरी कोशिश पर आपा चीखने लगती थी, लेकिन बड़ी मुश्किल से मेरी 1-2 उंगली उनकी चूत में अंदर जा पाई.
फिर मैंने आपा से कहा कि एक बार दर्द होगा, लेकिन आप अगर बर्दाश्त करोगी तो सारी जिंदगी मस्ती ले पाओगी. फिर मैंने उनको चूमते हुए और बूब्स दबाते हुए अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर सेट किया और उनको चूमता चाटता रहा. अब उनकी सुगंध से मेरा लंड जो कि अब 11 इंच लंबा और 4 इंच मोटा हो गया था, फंनफना कर ज़ीनत की चूत में घुसने की कोशिश करने लगा था.
फिर बड़ी मुश्किल से मेरा लंड 2 इंच अंदर घुसा ही था कि जीनत की चीख निकल पड़ी, सलमान आईईईईईईईई दर्द उउउउइईईईईई हो रहा है और उनकी चीख से में और मदहोश हो गया और उनकी हथेलियों को अपनी हथेली से दबाते हुए उनकी चूत पर एक ज़ोर का शॉट मारा और मेरा लंड 2 इंच अंदर घुस गया. अब दर्द से दोहरी आपा अम्म्म्मा अम्मी जान कहकर चीखने लगी और छटपटाने लगी थी. फिर मैंने उसकी चीखों की परवाह किए बिना एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ 5 इंच अंदर घुस गया.
अब वो अम्मी अम्मी कहकर ज़ोर से चिल्लाने लगी थी और चीखने लगी थी, अम्मी मुझे मार डाला इसने, मेरा दूल्हा कसाई है, जालिम है, मार डालेगा मुझे आआईईईईई रे सलमान, प्लीज़ अपनी मुझ पर रहम कर, यह लोहे की रोड घुसा दी, में मर जाउंगी, आआई रे मेरे ज़नाज़े का इंतज़ाम कर लो आईईईई. फिर मैंने कहा कि अच्छा में 2 मिनट में बाहर खींच लूँगा और अब और नहीं फाड़ूँगा और धीरे से उन्हें सहलाने लगा और चूमने लगा और अपना लंड 2 इंच बाहर निकालकर फिर से एक ज़ोर का शॉट मारा तो मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ चूत की जड़ में समा गया. फिर जो वो चीखी, तो पूरी हवेली जाग गयी, लेकिन में उसे चोदता रहा, चोदता रहा.
फिर 10 मिनट की बेरहम चुदाई के बाद जब उसकी चीखे कम हुई और सिसकारी में बदलने लगी तो मैंने अपना लंड आधा बाहर कर लिया और अंदर बाहर करने लगा. फिर अचानक से आपा ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और झड़ गयी और मुझे चूमने लगी. फिर मैंने कहा कि कसाई कैसा है? तो आपा ने कहा कि अरे बड़ा जालिम है, लेकिन प्यारा और मस्त है, चोदो सल्लू मुझे चोदो, अपनी मौसी की लड़की को चोदो और फिर मैंने उसकी जमकर धुनाई करते हुई चुदाई की और उसको 3 बार और झड़ाने के बाद अपना रस उसकी चूत में ही डाल दिया. दोस्तों उस आनंद का अंदाज जो अपनी मौसी की लड़की को चोदेगा वही जान पाएगा.
फिर उस रात मैंने ज़ीनत को 4 बार चोदा और जब वो सुबह लंगडाते हुए चल रही थी, तो आरसी ने मेरे पास आकर कहा कि पूरी हवेली को रातभर सोने नहीं दिया, ऐसा क्या कर डाला जीनत के साथ? तो मैंने कहा कि अगले महीने तेरी भी यही हालत करूँगा साली, तो आरसी ने कहा कि तो कर लेना, आओ तो सही, में चैलेंज देती हूँ तुम हार जाओगे, जीनत तो सीधी थी मीठी, नमकीन और कमसिन का मज़ा तो में ही दूँगी.

Antarvasna Kamukta Indian Chudai Hindi Chudai Stories Chudai

हैल्लो दोस्तों, कैसे हो आप?  Antarvasna Kamukta Indian Chudai Hindi Chudai Stories Chudai  मेरा नाम सागर है और में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और वैसी ही एक सच्ची घटना में आज आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ, जो कुछ समय पहले मेरे साथ घटित हुई और जिसमें मैंने अपने साले की पत्नी को चोदा, मुझे उसकी चुदाई करने में बहुत मज़ा आया और मेरे साथ साथ उसने भी बहुत मज़े लिए और अब में वो घटना पूरी विस्तार से सुनाता हूँ.

दोस्तों यह बात इसी साल गर्मियों की है, जब मुझे किसी काम से अकेले अपने गावं कानपुर जाना पड़ा, वहाँ पर मेरा ससुराल भी है. फिर मेरी पत्नी ने मुझसे बोला कि उसके घर ही रुक जाना तो में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठा और रात को 9 बजे करीब में कानपुर पहुंच गया और में वहाँ से एक ऑटो करके अपने ससुराल पहुंच गया. मैंने अपने ससुराल वालों को सुबह ही फोन करके बता दिया था कि में घर पर आने वाला हूँ तो उन्होंने मेरे लिए खाना पीना सब कुछ पहले से ही तैयार किया हुआ था.

मैंने ऑटो में ही बैठे हुए अपने बेग से दारू की बोतल बाहर निकाली और उसे पानी की बोतल में डाल दिया और उसे में पीता पीता कुछ देर बाद अपने ससुराल पहुंच गया. दोस्तों वैसे में हमेंशा दारू अपने साथ ही ले जाता हूँ, क्योंकि दिल्ली से कानपुर में दारू थोड़ी महंगी भी है और वहाँ की जल्दी चड़ती भी नहीं है.

फिर में दस बजे अपने ससुराल पहुंच गया, मेरे ससुराल में मेरे सास, ससुर, साला और उसकी पत्नी रहती है. मेरा साला मेरी पत्नी से छोटा है और मेरी सास सरकारी नौकर है और ससुर रिटाइर्ड है और वो अपना टाईम पास करने के लिए खेती करते है, मेरा साला अपनी दुकान चलाता है. फिर में वहाँ पर पहुंचा तो उन्होंने मेरे लिए मीट बनाया हुआ था, जो मुझे बहुत पसंद है.

मैंने खाना खाया और अपने कमरे में जाकर सो गया. फिर दूसरे दिन में सुबह उठा तो इन लोगों ने मुझसे मेरा हाल चाल पूछा और मुझसे इधर उधर की बातें की और एक एक करके सब अपने अपने काम पर चले गये.

उस दिन मैंने पहली बार ध्यान से अपने साले की बीवी को देखा, में उस समय खुले में नहा रहा था और वो किचन में अपना काम कर रही थी, वो हमेंशा मेरा घूँघट लेती है, लेकिन किचन में उसने चुन्नी नहीं ली हुई थी और वो उस समय मेक्सी में थी. में नहाते हुए उसके कुल्हे और साईड से बूब्स देखकर हैरान रह गया, वो दिखने में पतली थी, लेकिन जहाँ पर माल होता है, वहाँ पर बहुत मस्त तरीके से था, वो तो दिखने में एक मॉडल सी लगी, मेरा तो उसको दूर से देखकर लंड खड़ा हो गया, लेकिन मैंने अपने आप पर बहुत कंट्रोल किया और जल्दी नहा धोकर अपने काम से निकल गया और मुझे जिससे मिलना था, में उसके ऑफिस पहुंच गया और वहाँ पर जाकर मुझे पता चला कि वो 10-12 दिन बाद वापस आएगा, वो अपने परिवार के साथ कहीं बाहर गया हुआ है.

फिर में वहाँ से करीब 12 बजे वापस निकल गया और अपनी मौसी के यहाँ चला गया. उनसे बात करते करते मुझे करीब दो बज गये थे और फिर मेरे पास फोन आया तो मैंने बात कि तो वो मेरे साले की पत्नी थी और वो मुझसे पूछ रही थी कि में कब तक वापस आऊंगा मेरे लिए खाना तैयार है. फिर मैंने कहा कि बस में कुछ देर बाद घर के लिए निकल रहा हूँ और फिर मैंने अपनी मौसी से कहा कि में अभी चलता हूँ और में शाम को आ जाऊंगा, उन्होंने भी मुझे खाने के लिए बहुत रोका, लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्होंने मेरे लिए खाना वहाँ पर बना लिया है, में आपके घर पर खाना फिर कभी खा लूँगा और में वहां से निकल गया और अपने ससुराल पहुंच गया.

वहाँ जाकर मैंने मुहं हाथ धोए और कमरे में जाकर बैठ गया. मेरे साले की पत्नी ने मुझे खाना परोसा और मैंने उससे पूछा कि क्या दिन में घर पर खाना खाने कोई नहीं आता? तो उसने मुझसे कहा कि नहीं सब सुबह अपने साथ में ही ले जाते हैं और वो मेरे ठीक सामने ही बैठ गई. तब मैंने उससे बोला कि तुम भी खाना खा लो तो वो मुझसे कहने लगी कि आप खुद ही खा लो में बाद में खा लूंगी. फिर मैंने थोड़ा ज़ोर दिया तो वो भी अपने लिए खाना निकालकर ले आई और मेरे साथ में बैठकर खाना खाने लगी.

अब हम खाना खाते समय आपस में इधर उधर की बातें भी करने लगे और फिर मैंने उससे पूछा कि तुम यहाँ पर अकेले तो बोर हो जाती होगी? तो उसने कहा कि सच में यह घर तो अब मुझे काटने को दौड़ता है, इसलिए में दिन भर काम करके टाईम पास करती हूँ, लेकिन फिर भी मेरा मन नहीं लगता. अब मैंने उससे पूछा कि घर के सब लोग कब तक आते हैं?

उसने मुझे बताया कि सभी एक एक करके सुबह 8 बजे जाते हैं और 7 बजे सबसे पहले मम्मी जी आती है. उसके बाद 8 बजे तक पापा जी आते है और सबसे आखरी में मेरा साला रात को 10 बजे तक अपनी दुकान से वापस आ जाता है. तब मैंने उससे बोला कि यह क्या तुमने खाना खाते वक़्त भी अपना मुहं क्यों ढका हुआ है, अब तो यहाँ पर हम दोनों के अलावा और कोई नहीं है तो तुम मुझसे अपना चेहरा क्यों छुपा रही हो, लेकिन वो सब तुम घर वालों के सामने किया करो अकेले में नहीं, में खुद तुम से कह रहा हूँ कि तुम इसे अपने चेहरे से हटा लो और एकदम फ्री होकर आराम से खाना खाओ.

दोस्तों उसने मेरे एक ही बार बोलने पर अपनी चुन्नी को उतारकर अलग रख दी, में तो यह सब देखकर एकदम हैरान हो गया कि मैंने तो उससे सिर्फ़ मुहं से चुन्नी हाटने को कहा था, लेकिन उसने तो चुन्नी को पूरा हटा दिया और उसके उस समय बड़े गले की मेक्सी पहनी हुई थी, जिसकी वजह से जब वो खाना खाकर उठी और झुककर प्लेट उठाने लगी, तभी मेरी आखों के बिल्कुल सामने उसके लटकते हुए गोरे गोरे बूब्स थे, जिनको में चुपके से देख रहा था.

उसने अंदर गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी, लेकिन ज्यादा झुकने की वजह से उसके बूब्स आधे से ज्यादा उसकी ब्रा से बाहर निकलकर मेरे सामने आ रहे थे, सिर्फ़ उसकी निप्पल दिखाई नहीं दे रहे थे और उसकी पूरी ब्रा और बूब्स बिल्कुल साफ दिख रहे थे, उसने भी मुझे उसके बूब्स को देखते हुए देखा, लेकिन कोई विरोध नहीं किया और उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान जरुर थी और फिर वो सब बर्तन उठाकर सीधी किचन में मटकती हुई चली गयी. दोस्तों में बिल्कुल हैरान रह गया और मेरा लंड वो सब देखकर एकदम से खड़ा हो गया, वो करीब 23-24 साल की होगी.

में अब चारपाई पर लेट गया और में सोचने लगा कि इसको फंसाने की में कोशिश करूं या नहीं, मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था, क्योंकि अगर उसने मेरा विरोध किया और कुछ ग़लत हुआ तो मेरी तो ऐसी की तैसी हो जाएगी.

फिर मैंने टी.वी. चालू किया और देखने लगा. फिर थोड़ी देर बाद वो भी अपना काम खत्म करके मेरे पास आ गई और नीचे जमीन पर बैठकर टी.वी. देखने लगी.

फिर मैंने उससे कहा कि तुम नीचे क्यों बैठी हो? पास वाली चारपाई खींच लो और उस पर बैठ जाओ, उसने पास में रखी दूसरी चारपाई खींची और मेरी वाली चारपाई के पास में लगाकर वो मेरी तरफ मुहं करके लेट गई, जिसकी वजह से उसकी छाती दोबारा मेक्सी से बाहर निकलने लगी और मुझे उसके बूब्स ताकने लगे. अब में कभी उसको देखता तो कभी टी.वी. को और वो भी ऐसा ही कर रही थी और हल्की हल्की स्माईल दे रही थी. मुझे उसकी हरकतों से आगे बढ़ने का मौका और हिम्मत मिली.

अब में लगातार उसको देख रहा था और वो भी मेरी आखों में आखें डालकर मुझे देख रही थी. तभी कुछ देर बाद उसने अपनी नजर को नीचे किया. फिर मैंने मन ही मन सोचा कि जो भी होगा देखा जायेगा यार और अब मैंने उससे कहा कि क्या तुम्हें चारपाई चुभ नहीं रही है, तुम इस पर कुछ बिछा लेती. फिर उसने कहा कि सारे बिस्तर नीचे वाले कमरे में है और मेरे साथ अब नीचे कौन जाएगा?

मैंने उससे कहाँ कि तुम यहाँ आ जाओ तो वो हंसने लगी और मुझसे कहने लगी कि अगर किसी ने हमें देख लिया और दीदी को बता दिया तो आपका यहाँ भी और दिल्ली में भी जीना हराम हो जाएगा. फिर मैंने कहा कि घर के सब लोग तो शाम तक आते है और दीदी को तो तब पता चलेगा जब कोई हमें देखेगा, में किसी को पता ही नहीं चलने दूँगा आ जाओ तुम क्यों डरती हो में हूँ ना तुम्हारे साथ, तुम्हें कोई कुछ नहीं कहेगा और फिर वो मेरी यह बात सुनकर हंसने लगी और उसने मुझसे कहा कि एक बार और सोच लो. फिर मैंने उससे कहा कि हाँ मैंने सब कुछ सोच समझकर ही तुम्हें कहा है.

फिर वो तुरंत उठी और मेरी चारपाई पर बैठ गई, में थोड़ा पीछे हो गया और अब उसने अपने दोनों पैर नीचे कर लिए तो मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ लेट जाओ ना, तो वो मुझसे मुस्कुराते हुए बोली कि आपको दिक्कत होगी ना. फिर मैंने उससे पूछा कि ऐसा क्यों? तो वो मुझसे कहने लगी कि आप ही पीछे हो गये और ज़्यादा पीछे होगे तो नीचे पहुंच जाओगे और वो हंसने लगी.

अब मैंने उससे कहा कि ऐसा नहीं होगा और फिर वो मेरे पास में लेट गई और अब हम दोनों एक ही चारपाई पर एक दूसरे से सटकर लेट गए और टी.वी. देखते रहे, में बहुत खुश था और शायद मेरे साथ साथ वो भी मन ही मन बहुत खुश थी, लेकिन वो मुझसे कुछ कहने से डर रही थी. दोस्तों उसके पास से बड़ी प्यारी खुशबू आ रही थी और उसके गरम गरम जिस्म को में महसूस कर रहा था, जिसकी वजह से मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सा जोश आ रहा था.

में तो अब उसे सूंघकर बिल्कुल मदहोश हो गया और कब 5 बज गए मुझे पता ही नहीं चला. फिर वो उठी और मुझसे कहने लगी कि में चाय बनाकर लाती हूँ, में अब उसके चले जाने के बाद पूरी तरह से बहुत गहरी सोच में डूबा हुआ था और सोच रहा था कि यह उसका बचपना है या फिर वो चालू है, मेरे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था और फिर ऐसे ही मस्ती मज़ाक करते करते शाम हो गई और धीरे धीरे सब लोग घर आ गये. फिर में अपनी मौसी के यहाँ पर चला गया और मेरी मौसी ने शाम के खाने में मेरे लिए मीट बनाया था. तभी मैंने अपने साले को फोन किया और उससे कहा कि में खाना खाकर आऊंगा, तुम लोग सो जाना में थोड़ा देरी से घर पर आऊंगा और फिर मैंने फोन पर बात करने के बाद मौसी के घर की छत पर जाकर दारू पी और में पूरा टाईम उसी के बारे में सोचता रहा.

फिर मैंने नीचे आकर खाना खाया और करीब रात के 11:30 बजे में अपने ससुराल पहुंचा और मैंने दरवाज़ा खटखटाया थोड़ी देर तक खटखटाने के बाद मेरे साले की पत्नी दरवाजा खोलने आई और उसने दरवाज़ा खोल दिया. तब मैंने उससे कहा कि क्या बात है बड़ी देर लगा दी? तो उसने मुझसे कहा कि हम सभी लोग सो गये थे और वो मेरी शक्ल देखने लगी. मैंने उससे पूछा क्या हुआ? तो उसने मुझसे कहा कि क्या आप दारू पीते हैं? तो मैंने तुरंत हाँ में अपना सर हिलाया और अब में थोड़ा नशे की एक्टिंग करने लगा.

फिर मैंने दरवाज़ा बंद किया और सीधा ऊपर जाने लगे और वो उस समय मेरे ठीक आगे चल रही थी. मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उसकी पतली कमर को पकड़ लिया और उससे कहा कि आज नशा ज़्यादा हो गया है और हम सीड़ियाँ चड़ने लगे, लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा, बस चुपचाप मेरे आगे आगे चलती रही. फिर हम ऊपर गये और वो अपने कमरे में जाने लगी. फिर मैंने उससे कहा कि सुनो वो मेरे पास आई और कहा कि हाँ बोलो? तो मैंने उससे कहा कि क्या मुझे तुम शुभरात्रि किस नहीं करोगी? तो वो हंसकर शरमाते हुए अपने कमरे में भाग गयी और में अपने कमरे में आकर सो गया.

फिर में दूसरे दिन सुबह उठा तो मैंने देखा कि उस समय 11 बज रहे थे और घर के सभी लोग तब तक नौकरी पर जा चुके थे, घर पर सिर्फ़ वो और में था, वो मेरे लिए चाय बनाकर ले आई और फिर उसने मुझसे कहा कि आपके कोई कपड़े धोने के लिए है तो आप मुझे वो दे दो.

फिर मैंने कहा हाँ और मैंने अपनी जीन्स और टी-शर्ट को उसे उतारकर दे दिया, तो उसने मुझसे मजाक करते हुए कहा कि आप यह कच्चा भी मुझे दे दो में उसे भी धो दूँगी, तो मैंने भी उससे मजाक करते हुए कहा कि मैंने अंदर कुछ नहीं पहना है, वो मेरी यह बात सुनकर हंसने लगी और उसने मुझे एक अंगोछा दे दिया और कहा कि आप इसे पहन लो.

मैंने तुरंत अपना कच्चा उतारा और अंगोछा पहन लिया, वो लाल कलर का बहुत छोटा था, में बाहर गया और खुले में उसे पहनकर ब्रश करने लगा और नहाने को तैयार हुआ तो मैंने देखा कि पानी नहीं है. मैंने उसे आवाज़ दी और कहा कि मेरे नहाने के लिए पानी नहीं है. फिर उसने कहा कि रूको में अभी मोटर चलाकर भर देती हूँ और फिर उसने मोटर चालू की और पाईप लेकर ड्रम भरने लगी.

फिर मैंने मजाक में उस पर थोड़ा सा पानी फेंक दिया और उसने पाईप मेरी तरफ कर दिया और मुझे भीगाने लगी. पानी का प्रेशर इतनी तेज़ था कि उससे मेरा अंगोछा खुल गया और मुझे पता ही नहीं चला, लंड तो खड़ा ही था और वो ज़ोर से हंसने लगी तो में सोच रहा था कि हम जो मस्ती कर रहे है, उसकी वजह से वो हंस रही है और फिर उसने पाईप मेरे लंड की तरफ किया और लंड पर पानी मारने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड और भी तन गया. तभी उसने मुझे मेरे लंड की तरफ इशारा किया और वो हंसने लगी.

फिर मैंने जब नीचे देखा तो मेरे शरीर पर अंगोछा था ही नहीं और फिर में जानबूझ कर ऐसे ही नहाने लगा, उसने पानी भरा और मोटर बंद को कर दिया और वो दोबारा अपने कपड़े धोने लगी. फिर में नहाकर कमरे में ऐसे ही चला गया और उसे आवाज़ देकर कहा कि मुझे कोई टावल दे दो पानी साफ करने के लिए. तभी वो अंदर आ गई और उसने मुझे अपनी चुन्नी दे दी, में उसकी चुन्नी लेकर सबसे पहले अपने लंड को साफ करने लगा, वो वहीं पर खड़ी हुई थी. मैंने उसे अपने पास बुलाया तो वो आ गई.

अब मैंने उसे एकदम से गले लगा लिया तो वो मुझसे कहने लगी कि छोड़ो कोई हमें देख लेगा अब छोड़ दो. फिर मैंने उससे कहा कि हमें यहाँ पर कौन देखेगा? हम दोनों के अलावा यहाँ पर कोई नहीं है. फिर क्यों तुम इतना डरती हो और अब में उसे चूमने लगा और उसके गालो को, आँखो को और होंठो को उसके हाथ पकड़कर मैंने अपने लंड पर लगाए, वो अब बहुत धीरे धीरे मेरा लंड सहलाने लगी.

मैंने उससे पूछा कि कैसा लगा मेरा लंड? तो वो शरमाने लगी. मैंने कहा कि बताओ, लेकिन वो अब भी बिना कुछ बोले लंड को लगातार हिलाती रही. अब में नीचे झुका और मैंने उसकी मेक्सी को ऊपर किया और देखा कि उसने अंदर कुछ नहीं पहना हुआ था.

मैंने अब उसकी हल्की गुलाबी, गीली चूत को देखकर मदहोश होने लगा और मैंने उस पर जीभ फेरना शुरू किया और वो सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी कि आप यह क्या कर रहे हो? उह्ह्हह्ह्ह्ह स्स्ईईईइ उफफ्फ्फ्फ़ अब दूर हटो कोई आ जाएगा.

दोस्तों मैंने सही मौका देखकर उसकी गांड को पकड़ लिया और अपनी जीभ को चूत के अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से वो अब और भी ज़ोर से लंबी लंबी सिसकियाँ लेने लगी, वो अब तक बहुत गरम हो चुकी थी और अब वो अपने दोनों पैरों को खोलकर मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी और फिर उसके कुछ देर बाद अपना एक पैर उठाकर मेरे कंधे पर रख दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत पूरी तरह से खुल गई और में अब अपनी जीभ को थोड़ा ज्यादा अंदर तक डालने लगा और वो मचलने लगी और मुझसे कहने लगी उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह हाँ थोड़ा और तेज़ करो और आईईईईई हाँ और ज़ोर से अंदर डालो, अब मेरा निकलने वाला है और तेज़ यह कहते कहते वो मेरे मुहं पर झड़ गयी.

फिर में कुछ देर उसकी चूत को चाटकर उठा और मैंने उससे कहा कि अब तुम मुझे प्यार करो, उसने मुझे चारपाई पर बैठा दिया और वो खुद नीचे घुटनों के बल बैठकर पहले तो वो लंड को चूमती रही.

फिर वो धीरे धीरे चाटने लगी, जिसकी वजह से में तो बिल्कुल पागल ही हो गया था और उसके बालों पर हाथ फेरता रहा और वो लंड को अपने मुहं में लेने लगी और बहुत देर तक चूसती रही, लंड को वो लोलीपोप की तरह चूस रही थी, लेकिन अब में भी झड़ने वाला था तो मैंने उससे कहा कि अब झड़ रहा हूँ तो उसने अपना सर हिलाकर मुझसे हाँ कहा और में अब उसके मुहं को हल्के हल्के धक्के देकर चोदने लगा.

फिर मैंने उससे कहा कि में झड़ने वाला हूँ और वो यह बात सुनकर अब और भी ज़ोर ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगी. मैंने उसके बालों को बहुत टाईट पकड़ लिया और उसके मुहं में झड़ने लगा.

उसने मेरी आँखो में देखकर मेरा सारा गरम गरम वीर्य अपने मुहं में ले लिया और उसने मुझे आँख मारी, लेकिन दोस्तों उसने वीर्य की एक भी बूँद को बाहर नहीं गिरने दिया, वो पूरा का पूरा वीर्य गटक गई और फिर लंड को चाट चाटकर साफ करने लगी.

फिर मैंने उससे कहा कि अब हम इसके आगे का काम कब करेंगे? तो उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि सब्र का फल बहुत मीठा होता है, थोड़ा सब्र करो बहुत जल्दी में तुम्हें वो मज़ा भी दूंगी, वैसे भी मुझे ऐसा ही दमदार लंड लेना बहुत अच्छा लगता है, में इसका बहुत समय से इंतजार कर रही थी, यही वो लंड है जो मेरी प्यासी चूत को शांत करेगा और मुझे वो सुख देगा, जिसके लिए में इतने सालों से तड़प रही हूँ.

दोस्तों वो मुझसे यह बात कहकर हंसती हुई बाहर चली गई और दोबारा अपने कपड़े धोने लगी और में बेड पर लेटकर उसके बारे में सोचता रहा. कुछ देर बाद मैंने उठकर अपने कपड़े पहने और उस पल का बड़ी बेसब्री से इंतजार करने लगा. दोस्तों यह थे मेरे साले की सेक्सी पत्नी के साथ बिताए मेरे कुछ पल, जिनमें मैंने उसके साथ बहुत जमकर मज़े किए.

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Randi Girlfriend Ki Antarvasna Puri

नमस्कार पाठक-पाठिकाओं.. Indian Antarvasna New Chudai kahani Antarvasna kamukta did ki chut ka antarvasna और मेरी प्यासी भाभियों.. मैं आज अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ जो मेरी सच्ची आपबीती है। यह बात आज मैं पहली बार किसी को बताने जा रहा हूँ। मैं जब स्कूल में था तो मैंने पहली बार हस्तमैथुन किया था..
अब आप समझ सकते हैं कि मैं कब से ही सेक्स के प्रति आसक्त था।

अब मैं आप सबका ज्यादा समय ना लेते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ।
जब मैं 12वीं में था.. तो कोचिंग की एक लड़की मुझसे प्यार करने लगी, उसने कहीं से मेरा नंबर पा लिया और मुझे कॉल किया।

मैंने पहली बार किसी अनजान लड़की से बात की थी.. मेरी खुशी का तो ठिकाना ही नहीं था। फिर कुछ दिन तक वो ऐसे ही मुझसे फ़ोन पर बात करती रही।
कुछ दिन बाद मेरे जोर देने पर वो मुझसे मिलने को तैयार हुई।
मैंने उससे मिलने के लिए एक पार्क में शाम को 6 बजे बुलाया.. वो टाइम पर आ गई।

मैंने उसे देखा तो बस देखता रह गया.. वो पिंक टॉप और ब्लू जीन्स में परी लग रही थी.. हाँ थोड़ा मोटी भी थी.. पर मुझे वो बहुत गदराया हुआ माल लग रही थी।
मैंने थोड़ी देर की बातचीत के बाद उसे प्रपोज कर दिया और इस तरह हमारे प्यार की शुरूआत हो गई।

फिर मुझे पता चला कि उसका एक और भी ब्वॉयफ्रेंड है।
मैंने ठान लिया था कि अब तो मैं इसे चोद कर ही छोड़ूँगा।
मैंने किसी तरह उसे अपने कमरे में आने के लिए राजी किया।

दो दिन बाद वो मेरे कमरे पर आई.. उस दिन उसने काले रंग का सलवार सूट पहन रखा था बहुत ही जबरदस्त माल लग रही थी। वैसे भी मुझे उसको चोदना था.. मैंने उसे कॉफी बना कर दी।
मैंने सोचा था कि आज अगर जबरदस्ती भी करनी पड़ी तो करूँगा..

लेकिन ये क्या..??
वो तो ख़ुद चुदने का मन बना कर आई थी.. वो मेरे बालों पर हाथ फेर रही थी।
मैंने मन में कहा- बेटा लोहा गर्म है.. मार दे हथौड़ा..

बस मैंने उसे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और उसके होंठों को चूमने लगा.. धीरे-धीरे मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में भर लिया और चूसने लगा, कॉफी की मिठास मेरे गले में उतरने लगी थी।

मैंने धीरे से उसके गले और कान में चूमना और काटना शुरू कर दिया था, मेरी इस हरकत से वो काफी गर्म हो गई और उसकी गर्म साँसें मेरे गले में लगने लगी थीं।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिता और उसका शर्ट उठा कर उसके पेट को चूमने लगा, एक मदमस्त भीनी सी महक आ रही थी।
मैंने सलवार का नाड़ा हाथ में पकड़ा और एक झटके में खींच दिया।

यह कहानी आप antarvasna.com पर पढ़ रहे हैं।

उसकी सलवार अब जमीन पर पड़ी हुई थी, मैंने उसके सारे कपड़े एक-एक करके उतार दिए, अब मैंने अपना पैंट उतार दिया।
अभी मेरा लण्ड 5 इंच का था.. फिर मैंने उसे लण्ड मुँह में लेने को कहा।

वो बेमन से लण्ड चूसने लगी और देखते ही देखते मेरा लण्ड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया।
अब मैंने उसे सीधा लिटाया और उसके दोनों पैर अपने कन्धे पर रख लिए। उसने मुझे लण्ड पर तेल लगाने को कहा क्योंकि उसकी सील अभी तक टूटी नहीं थी।
लेकिन मैं तो उसे दर्द देना चाहता था.. सो मैंने सूखा लण्ड ही उसकी चूत में रगड़ना शुरू कर दिया।

उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया.. और धीरे से मेरे कान में कहा- प्लीज़ धीरे डालना.. और अगर मैं दर्द से चिल्लाऊँ तो मुझे छोड़ना नहीं..

मैं यह सुनकर जोश में आ गया और अपना लण्ड डालने लगा।
उसकी कोमल और कुँवारी चूत में धीरे-धीरे 3 इंच डालने के बाद मैंने एक जोर का झटका लगाया और वो दर्द से तड़प उठी, उसकी चूत से खून रिसने लगा था।

मुझे उससे प्यार था.. उसके दर्द को देख कर ख़ुद पर गुस्सा आ गया.. मैंने लण्ड पेलना बंद कर दिया और उसे चूमने लगा।
वो बोली- कया हुआ? रुक क्यों गये?
मैं बोला- तुम्हें दर्द हो रहा है ना!
वो बोली- तुम मुझे इतना प्यार करते हो?
उसकी आँखों में आँसू आ गए, वो बोली- मुझे माफ कर दो.. मेरा एक और भी बॉय फ़्रेन्ड है… मैंने तुम्हें धोका दिया।

मैंने कहा- कोई बात नहीं.. मुझे तो पहले ही पता था कि तुम किसी दूसरे की गर्लफ़्रेन्ड हो ! लेकिन तुमने अब से पहले चुदाई क्यों नहीं की?
वो बोली- मेरे दूसरे बॉयफ़्रेन्ड से कुछ हुआ ही नहीं, हमने कोशिश तो की थी पर वो अन्दर नहीं घुसा पाया। अपनी सील तुड़वाने के लिये तो मैंने तुमसे दोस्ती की।

मैंने कहा- मैंने कौन सा तुम्हें प्यार किया… मैं भी तो तेरी चूत के चक्कर में था… मैं ना तुमसे प्यार करता हूँ ना ही किसी और से..

मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो चुका था.. इस बार मैंने उसे देर तक चोदा, सब तूफान निकल जाने के बाद फिर मैं उसे उसके घर तक छोड़ कर आया।

दोस्तो, मेरी कहानी आपको कैसी लगी.. प्लीज़ मेल कीजिएगा।

20 min baad mera pani mene uski chut me diya

Chalo ab me aap ko apne bare me bata du me 25 saal ka hu, or me job karta hu, me dikhne me smart or mere lund ki size 6” he, jo kisi ladki ko chut ko khus karne ke liye kafi he, chalo ab me story pe aata hu. Antarvasna Kamukta Indian Sex Hindi Sex Stories 
Mere engineering khatem karne ke baad mene job start kar di.job karte karte me side me pvt. Class bhi leta tha 10th std. ke bachho ke, 1 din meri ek student ke waha uski mummy I padosan sanjna (name changed) aai hui thi, usne muje padate dekh kar mujse puchha ki aap 5th std. ke baccho ko padate he to mene mana kar diya, lekin usne bola ki aap mere bête ka tution class le lo to me aap ko jo fee chahiye wo de dungi, mene koi buri intese se use dekha nahi tha or uske jyada force karne se mene hanh kar di, lekin mene uss se 10th ke std. ke bacche jitni hi ees li,uke baad mene usko kaha ki mera timing sham ko 7 se 8:30 ka hoga, to usne bola ki koi bat nai or wo thank you bol ke chali gai.
Fir 3 din ke baadme uske ghar pe us ke lad ko padane me gaya. Uske ghar ke bahar pahoch ke mene door bell bajai kya kahu dosto ke kyamaal la rahi thi, pehle din jyada dyan se nah dekha tha, aap ko uske bare mebata du, wo hariyana kid hi, or dikhne me british type thi lekin figure to ma kasam 34-30-36 jo muje baad me pata chala. Us din to usne purple color ka dress pahena tha, or muje dekh ke usne smile di or muje ander aane ko kaha, me bhi ander chala gaya, unka ghar kafi accha tha, or uke ghar per wo or sirf uska beta rehta tha.
Usne muje pani ka offer diya or usne apne bête ko bulaya.
Jab tak wo aata tab tak humne gossip kiya or uske bête ke aane kebaad wow aha se kitchen me chali gayi.
Me as usall uske bacche se thodi bate ki or usko padane ka start kar diya.Mene kuch jyad ana to socha thanakuchh karne ka socha tha,or me sirf apne kam se kam kar raha tha, karib 1.5 month ese hi chalta raha, ek din jab me use padanegaya to uske ghar par gaya, door open tha or ghar me koi muje dikaha nai.mene jab uske bête ko awaj lagai to bathroom se awwaj aai ki sir wo thoda kam se gaya he wo 10 min. me aa jayega. Tab tak aap wiat kijiye, mene wait kiya or thodi der ke baaad achanak muje kuch aawaj sunai di mene dyan lagaya to wo bathroom se aa rahi thi. Kehte he na khali dimag shaitan ka ghar hota he. To mene thoda himmat kar ke bathroom ke pass gaya, or gabhrate ghabrate bathroom ke pass khada ho gaya or us awwze ko sunne laga, mera to laund khada ho gaya thaw o madhose kar raha tha muje.
Mene thoda idhar udhar dekhneki kosis ki per kuchh dikhal nahi diya, or mere jyada try karne pe muje ek halki si gap dikh gai or me usme se dekhne laga,or jo dekha mene to meri aankhe khuli ki khuli reh gayi. Wo apni chut me ungli dal ke finguring kar rahi thi, or wo shawer ke niche khadi thi, kya najara tha, pani ki bunde pure nange badan par or body ki garmi kya madhosh mahol taha, mujse to raha nai gaya or mene apna lund nikala or usko dekh ke dekhke hilane laga, or mera pani nikal ne wala tha ki meri aahat usko sunai de gai or usne saadnli darwaja kola to mano ke jese me maut ke pass kahda ho gaya hu, meri to fathi gai or usne mere lund ki or dekha or use apne hatho me pakad kar muje ander khil liya or mere pe tut padi mano jesr baot janmo ki pyasi ho, usne muje pani keniche dhakka diya or muje kiss pe kiss karne lagi, me to pagal hi huye jar aha tha, or uska nanga badan mere janvar ko jagaye jar aha tha, mene bhi jyada waqt na gawate huye mene bhi uska sath dene laga, or usko kiss karne laga.
Me bhi pura ghila ho gaya tha lekin kya maja aa raha tha muje, wo sirf mera dil hi janta he.
Thodi der kiss karne ke baad hum alag ho gaye or usne muje bahar nikala or khud bhi apne room me ja ke change kar kea a gai or muje apne husband ke kap de diye, jo muje hode loose ho rahe the, mene change kar diya,or wo kitchen me chali gai or me uske pichhe jata tab tak uska beta aa gaya, or me uske paas beth gaya or use padane laga.
Mera dyan uski padai me kam or uski ma ke khayalo me jyada tha, mene jese tese karke class khatham kiya or apne ghar pe ja ke let gaya or rat ko 10:30 baje muje uski mummy ka phone aaya or muje dusre din subah 11:00 baje gar bhulaya, meri to fati padi thi or me dara hua bhi than a jane kya hua jo muje kal bulaya. Or me rat ko khana khake sochte sochte kabso gaya muje pata hi na chala. Or subah jaldi uth karme uske gahr pe gaya, ghar pe uske alawa koi nai tha, me jese uske gahr pe gay to usss se najre nai mila pa raha tha or mera sir juka hua tah sirf itna pata tha ki usne pink colour ki saadi pehni hui he.
Wo mera hath pakad ke apne kamre me le gai or niche ka darwaja band karne gai, mene to man liya ki aaj ya to meri vaat lagene vali he ya fir meri jindagi badal ne wali he, or thodi der me wo mere pass aai or puchha ki kal job hi hua wo kisi ko bataya tumne to mene na kaha or puchne lagi ki kabhi pehle ese kiya he to mene kaha ha lekin thoda thoda upper se, usne puchha matlab to mene bola mene apni g,f ke sath sath ese kiya he, or fir pucha kabhi uske sath chudai  kiya he, me to jese putla ban gaya or mene apna sir utha ke na bola or fir usne mujse puchha kal kesa laga to me kaha sach kahu to bahot accha laga, itna maja to mere g.f. ke sathe bhi nahi aaya taha, or wo muskrai or thodider baad udas ho gai or mene pucch ki kya hua to boli ki muje mere husband ki yad aa gai, mene pucchha kyu bhala kya hua unko to pata chala ki wo out of country me or wo 6 mahine me sirf 1 bar aate he yaha bhi aake apne dosto ke sath waqt bitate he, or drink karke thoda pyar kar ke so jate he..
Fir unhone bataya ki unhone muje kabhi satisfied nahi kiya to me thoda khus ho gaya or bola chinta mat karo me hu na, or thodi himat karke uski jangho pe hat rakh ke sehlane laga, or kab bate karte karte mera lund khada ho gya. Or bataaya ki muje kal unki bahut yaad aa rahi thi is liye bathroom me kal wo sab kia jab muje pata chala ki koi bahar khada he to mene halka darwaja khola or tum muth mar rahe the or tumhare lund ko dekh ke raha nai gaya or mene tumhe ander khich liya, ab mujse raha nai jar aha tha mene usko sidha apne paas kiya or nki lips pe lips rakh diye or usko kiss karne laga, ab wo bhi garam ho chuki thi. Or wo bhi mera saathdene lagi or hum dono kis karne lage, takriban 15 min kiss karne ke baad mene use bed pe litya or uske eyes, nose hed or neck pe kiss kaene laga wo aaaaaaaaahhhhhh aaaaaaaaaauuuuuuuuuuuummmmmmm Ki awaje nikal rahi thi wo sun ke mue maja aaraha tha.
Fir me khada huva or mene apne sare kapde nikal diye or use khada karke uska blouse ko khola or usne mast under black colour ki bra pehni hui thi wo dekh kar me or bhi exited ho gaya or uske bra keupar se hi mene kiss karne laga, or uska hath pakad kar usko mene apne lund pe rakh diya, or wo uske sath khelne lagi, me ne usko saadi utar di or usko khada kar diya, or diwal pe chpka ke ulta karke uske back ko jibh nikal ke kutte ki tarah chatta raha or aage hath karke uske Doodh dabata raha, or uski gand dabata raha, or uski petticoat ke upper se hi uski gand marne laga oe uske kandhe pe halke halke bite karta rah wo maje se aaaaahhhhh aaaaaaaahhhhh Uuuufffff uuuufffffffffff aaaaaaahhhhh karke siskiya leti rahi mere lund ko apne hatho me pakad kar sehlati rahi mene use sidh kiya or usko kiss kiya 5 min ke baad uski bra utar di uske dondo Doodh mere aankho ke saamne uchhal ke bahar aa gaye, mene use 1 hath se pakda or dusre dusra Doodh muh me leke choosta raha kya mast mast soft Doodhthe uske.
Me uski nipple pe bite karte to wo mere balo ko nonchti or muje apne Doodh ki taraf press karri or aaaauchhh aaucchhh, aaaaaahhhhhhhhh dhire karo dhire karo uuuuufffffff Aaaaaaaahhhhhhhh karne lagi, or mene usko 15 min. tak uske body ko chatne laga or maje leta raha, sayad uska pani nikal gaya tha, or mene usko ghutne par bithaya or uske muh me apna lund gusa diya, mera lund bada hone ki wajah se uske muh me pura nai jar aha tha, to wo jitna aaye utna muh me le rahi thi or me gussa raha tha, or me to jane swarg me tha esa lag raha tha, usne 10 min tak mera lund chusa or mera sara pani uske muh me chhod diya or wo use pi gai or mere lund ko saaf karke hum dono bed pea a gayeor ek dusre ko kiss karne lage, sanjana ne kaha mujse or raha nai ja rah ab dal do apna lund meri chut me.
Or mene bhi hanh bol ke usko kiss karte karte uski petticoat ka nada kholaor petticoat ke sath hi uski penty nikal di, wow kya mast chut thi, ekdam clean shave jese aaj hi special ki ho is chudai ke liye, me 69 position me aa gaya or uske pairo ko kiss karte or chatte chatte uski chut taka a gaya oe mera loda uske muh taka a gaya or hum ek dusre ke chut or lund ko chusne lage. Mene uski pair faila diya or uski chit me finger dali or chut chatne laga hum dono to mast mast duniya me kho gaye, mene to apni sari jibh uske chut me dal dior suck karne laga,, or wo uuuuuummmmmmmmmmm yyyyyeeeeeeeeeeeeessssssssssssss ddooooo iiiiiiiittttttttttttttt Uuuuuuuuuummmmmmmmmmmm karke kehne lagi 5 min me wo jad gai or me sidha ho gaya or apna lund uski chut pe rakha or thodi der uski chut pe gisne laga, wo to jese madhosh hi ho gait hi usne muje kas ke pakad liya or apne nakhun mere back pe chubne lage. Mene 2 min baad apna lung ko uske chut me Dhaka lagaya wo chikh uthi…. Aaaaaahhhhhhhhh karkr or mrnr lip kis iya mere sirf upper ka hissa hi uske chut me gusaya tha, fir 1 min ese hi kiss kiya or jor ka jatka lagay or uske chut me mera lund gus gaya. Or wo bin pani machhli ki arah tadapne lagi me ese j uspe leta raha or 2 min ke baad dekha wo thodi sant hui he to mene halk halka dhakka lagaya, ordhire dhire jatke marne laga, wo sirf aaaahhhhh,aaaaaaahhhhh.dhhhrrreee
Dhhiireeee Karke maja lene lagi or me maja leta raha ab wo bhi apni gand utha utha ke mera sath de rahi thi, or mene dhire dhire apni speed bada dhi, or me uski chut me jitna ho sake utna lund uski chuut me dalta raha or uski chikh pure room me gunjati rahi….. Mera jab nikalne wala tha tab mene apna lund bahr nikala or usko dogi style me bithaya fir uski gand ko chhati kya maja aaraha tha, or dogi style mebhi usko ache se chodne laga, or 20 min baad mera pani mene uski chut me chhod diya or me uske upper hi so gaya. Or hum ne ek lanbi kiss ki or alag ho gaye.